नई दिल्ली। देशभर के किसानों के लिए मौसम से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटीय क्षेत्रों में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल गया है। यह सिस्टम ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है, जिसके कारण पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार यह डिप्रेशन उत्तर ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ के इलाकों से गुजर सकता है। इसके प्रभाव से ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में 35 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
खरीफ किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बारिश?
देश में इस समय धान, मक्का, सोयाबीन, मूंग, उड़द, कपास और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है। जून महीने में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी, जिससे कई राज्यों में बुवाई प्रभावित हुई। जुलाई की बारिश खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इसी समय फसलों को पर्याप्त नमी की आवश्यकता होती है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी वर्षा होती है तो खेतों में नमी बढ़ेगी, बुवाई में तेजी आएगी और फसलों की शुरुआती वृद्धि बेहतर होगी। विशेष रूप से धान उत्पादक राज्यों के किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।
कुछ किसानों के लिए राहत, कुछ के लिए खतरा
हालांकि यह बारिश जहां सूखे जैसी स्थिति झेल रहे क्षेत्रों के किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, वहीं अधिक वर्षा वाले इलाकों में नई समस्याएं भी खड़ी हो सकती हैं। IMD ने कई जिलों में जलभराव, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की आशंका जताई है। ओडिशा के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है और प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।
अधिक बारिश होने पर धान की नर्सरी, सब्जी फसलें और निचले क्षेत्रों में बोई गई फसलें प्रभावित हो सकती हैं। कृषि वैज्ञानिक किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।
कृषि विभाग की सलाह
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि:
- मौसम पूर्वानुमान देखकर ही बुवाई और उर्वरक का प्रयोग करें।
- जलभराव वाले खेतों में निकासी की व्यवस्था रखें।
- तेज बारिश के दौरान कीटनाशक छिड़काव से बचें।
- पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
- स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और कृषि विभाग की सलाह का पालन करें।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
IMD के अनुसार 7 जुलाई तक ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन मानसून गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी। किसानों के लिए यह सप्ताह खेती की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।